| ← Older revision | Revision as of 02:03, 28 November 2012 |
| Line 17: | Line 17: |
| | {{fa-adj|tr=ra'nâ}} | | {{fa-adj|tr=ra'nâ}} |
| | | | |
| − | # {{obsolete|lang=fa}} [[idiot]] | + | # {élégant, élégante] |
| | | | |
| | [[fa:رعنا]] | | [[fa:رعنا]] |
| | + | در تداول فارسی : رساقد. بالابلند. موزون چنانکه از قامت و قد و بالا. خوش قد و بالا. خوش قد وقامت |
| | + | |
| | + | صبا به لطف بگو آن غزال رعنا را |
| | + | که سر به کوه و بیابان تو داده ای ما را. |
| | + | |
| | + | حافظ. |
| | + | |
| | + | -قامت رعنا ; قامت موزون . قد موزون . (یادداشت مولف ). |
| | + | -قد رعنا ; قد موزون . قامت موزون . (یادداشت مولف ): |
| | + | سهی سروی که من دارم نظر بر قد رعنایش |
| | + | دو عالم چون دو زلف عنبرین افتاده در پایش . |
| | + | |
| | + | خاقانی . |
| | + | |
| | + | میر من خوش می روی کاندر سراپا میرمت |
| | + | خوش خرامان شو که پیش قد رعنا میرمت . |
| | + | |
| | + | حافظ. |
| | + | |
| | + | چشم شهلا قد رعنا رخ زیبا داری |
| | + | آنچه خوبان همه دارند تو تنها داری |
| | + | |
| | + | |
| | + | نام گلی است . (لغت محلی شوشتر) (از شرفنامه منیری ). قسمی گل زینتی . گل دورویه . گل قحبه . گل دوآتشه . گل دوروی . (یادداشت مولف ). گلی زیبا و گلی که از اندرون سرخ و از بیرون زرد باشد. (از ناظم الاطباء) (از آنندراج ) (از غیاث اللغات ): |
| | + | نهادمی همه گل را به خلق تو نسبت |
| | + | اگر ز گلها در ماندی گل رعنا. |
| | + | |
| | + | مسعودسعد. |
| | + | |
| | + | کز چهره و خون دشمنان گردد |
| | + | چون بارگه تو پرگل رعنا. |
| | + | |
| | + | مسعودسعد. |
| | + | |
| | + | گشته ست زبانم ده چون سوسن آزاده |
| | + | در مالش این مشتی دورو چو گل رعنا. |
| | + | |
| | + | وطواط. |
| | + | |
| | + | گل رعنا به یاد نرگس مست |
| | + | جام زرین به دست بردارد. |
| | + | |
| | + | انوری . |
| | + | |
| | + | ور کند خلق ترا شاعر مانند به گل |
| | + | نه پیاده دمد از شاخ گل و نی رعنا. |
| | + | |
| | + | مختاری غزنوی . |
| | + | |
| | + | چون گل رعناست شخصم کز پی کشتن زید |
| | + | در شهیدی شاهدی دارد گل رعنای من . |
| | + | |
| | + | خاقانی . |
| | + | |
| | + | تو گلرخی من سالها پاشیده بر گل مالها |
| | + | چون لاله مشکین خالها گلبرگ رعنا داشته . |
| | + | |
| | + | خاقانی . |
| | + | |
| | + | برو بر بام و پرس از پاسبانان |
| | + | که آن شاخ گل رعنا کجا شد؟ |
| | + | |
| | + | مولوی . |
| | + | |
| | + | سعدیا غنچه سیراب نگنجد در پوست |
| | + | وقت خوش دید و نخندید و گل رعنا شد. |
| | + | |
| | + | سعدی . |
| | + | |
| | + | تا غنچه خندانت دولت به که خواهد داد |
| | + | ای شاخ گل رعنا از بهر که می رویی . |
沒有留言:
張貼留言